Maha Shivratri 2020 : Maha Shivratri puja vidhi in Hindi, Puja Time

Maha Shivratri 2020 puja vidhi: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में बहुत ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है महाशिवरात्रि हर वर्ष फागुन के मांस में आता है और यह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है इस वर्ष महाशिवरात्रि 21 फरवरी तथा दिन शुक्रवार को पढ़ रहा है या योग बहुत ही फलदायक योग माना जा रहा है शास्त्रों के मुताबिक ऐसा योग सन 1961 में था उसके बाद आज लगभग 59 साल बाद या शुभ अवसर आया है इस विशेष सहयोग का नाम शश योग है इस दिन पांच ग्रहों की राशि में पुनरावृत्ति होने की संकेत है इस योग से राशियों पर बहुत ही अच्छा असर पड़ने वाला है इसके साथ साथ हम आपको यह बतादें कि जैसे कि हम सब जानते हैं कि यह शुभ अवसर 59 साल के बाद आया है तो इस वर्ष महाशिवरात्रि के व्रत को करना तथा इस वर्ष महाशिवरात्रि की पूजा करना बहुत ही लाभदायक होगा इस दौरान दान पुण्य करने का भी विधान है। ज्योतिष के अनुसार अगर कोई व्यक्ति इस दिन दान पुण्य करता है तो उसके जीवन में बहुत ही सुख संपत्ति आता है तथा उसका जीवन बहुत ही सुख में रहता है।


 आपको बता दें कि महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त कब है। (Maha Shivratri puja time)

 फरवरी तारीख को शाम 5:20 से 22 फरवरी शनिवार को शाम 7:02 मिनट तक रहेगा इस दौरान आपको बहुत ही अच्छी पूजा तथा बहुत ही श्रद्धा के साथ भोले बाबा का ध्यान करना है तथा उनकी पूजा में लीन होकर उनको पूजा की सामग्री अर्पण करना है अगर आप इस दौरान व्रत रहते हैं तथा आप व्रत के साथ-साथ निर्जल व्रत रहते हैं तो यह व्रत बहुत ही लाभदायक होगा परंतु या आपके स्वास्थ्य के अनुसार ही है अगर आप  निर्जला व्रत ना कर पाए तो आप फल्हारी भी रह सकते हैं।


 महाशिवरात्रि पूजा विधि (Maha Shivratri puja vidhi in Hindi)



वैसे तो हम सब महाशिवरात्रि को व्रत रहती है और महाशिवरात्रि (maha shivratri) में भोले बाबा शिव शंकर की पूजा करते हैं लेकिन विधान ओं के अनुसार अगर पूजा सही से ना हो तो इसका उतना असर नहीं पड़ता  हमारे दान किए को असर तो महा आरंभ आप पूजा शिव प्रसन्न करें।


  • शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर ले और उसके बाद अपने पूजा की विधि को आरंभ करें। 
  • इसके बाद पूजा का संकल्प कर भगवान गणेश और गौरी माता पार्वती का स्मरण कर  पूजा आरंभ याद रखें आप हाथ में बेलपत्र और अक्षत लेकर भगवान शिव को ध्यान करें।
  • उसके बाद भगवान शंकर को केसर के आठ लोटे जल चढ़ाएं ।
  • इसके बाद भगवान को स्नान कराएं स्नान में आप दही देसी घी शहद शक्कर का स्नान कराएं। यह सब करने के बाद आप भगवान शंकर को पंचामृत से स्नान करवाएं।
  • भगवान शंकर को चंदन का तिलक लगाएं 3 बेलपत्र भांग धतूर तुलसी जैफल कमलगट्टे फल मिष्ठान, मीठा पान इत्र वा दक्षिणा चढ़ाएं  तथा शंकर भगवान वस्त्र चढ़ाएं। इसके बाद केसर युक्त खीर का भोग लगाकर प्रसाद बांटे। याद रखें आप जितना भी सामग्री भगवान को अर्पित कर रहे हैं उतनी ही बार आप रुद्रा मंत्र को मन में जाप करे।
  • शिवरात्रि के दिन आपको पूरी रात दीपक जलाकर रखना है ऐसा करने से आपके घर में सुख शांति बनी रहेगी। 

इसके बाद पूजा समाप्त होने पर आप हाथ जोड़कर भगवान शंकर से प्रार्थना करें और उनसे क्षमा मांगे यदि आप से कोई गलती हुई हो या भूल हुई हो तो भोले बाबा आपको माफ करें। वैसे तो भगवान शंकर बहुत ही दयालु होते हैं जैसा कि उनका नाम है वह भोले बाबा है वह आपके श्रद्धा से किए गए पूजा को हमेशा स्वीकार करते हैं और चढ़ाए गए थोड़े से प्रसाद में भी प्रसन्न हो जाते हैं परंतु आपको सिर्फ इतना ध्यान रखना है कि आप जो भी चढ़ाए पूरी श्रद्धा से चढ़ाएं।

इसके बाद अगरआप महाशिवरात्रि (maha shivratri vrat) व्रत रखते हैं तो पूरे दिन आप शंकर भगवान के गाना - भजन करते रहे और उनको मन ही मन याद करके उनकी पूजा में लीन रहे। इस दिन आपको पुरे दिन प्रसन्न रहना है आपको किसी के बारे में बुरा नहीं सोचना और ना ही किसी को कुछ भी डांट फटकार  नहीं लगानी है आपको अपना मन शांत और पूजा में लीन रहना है इस दिन आप अच्छा सोचेंगे तो भगवान शंकर आपके लिए अच्छा करेंगे शाम को होने पर अगर आप जल लेना चाहते हैं या फलाहारी खाना चाहते हैं शंकर भगवान की शाम की पूजा जरूर कर ले उसके बाद फलाहारी खा सकते हैं।

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